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को जाँचिये संभु तजि आन

पद · लगभग २ मिनट
को जाँचिये संभु तजि आन।दीनदयालु भगत-आरति-हर, सब प्रकार समरथ भगवान ॥ १ ॥कालकूट-जुर जरत सुरासुर, निज पन लागि किये बिष पान।दारुन दनुज, जगत-दुखदायक, मारेउ त्रिपुर एक ही बान ॥ २ ॥जो गति अगम महामुनि दुर्लभ, कहत संत, श्रुति, सकल पुरान।सो गति मरन-काल अपने पुर, देत सदासिव सबहिं समान ॥ ३ ॥सेवत सुलभ, उदार कलपतरु, पारबती-पति परम सुजान।देहु काम-रिपु राम-चरन-रति, तुलसिदास कहँ कृपानिधान ॥ ४ ॥

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