माथे तिलक हाथ जपमाला, जग ठगने कूं स्वांग बनाया।मारग छाड़ि कुमारग उहकै, सांची प्रीत बिनु राम न पाया॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
रैदास जन्मे कउ हरस का, मरने कउ का सोकरैदासकवितारैदास जन्मे कउ हरस का, मरने कउ का सोकरैदास२ मिनट का पाठ