आनि अचानक आनन में विकसी मुसक्यानि की बानी सुहाई।नैननि में चपलाई ‘कुमार’ वसीकर गौन बसी गरवाई।कांति प्रकास उरोज-कलीनि लसी बिलसी बसि बैन सुधाई।अंगनि देखी लुनाई जुन्हाइ सी छाई अछाई नई तरुनाई॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+