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असमय परे रहीम कहि, माँगिजात तजि लाज

दोहा · लगभग २ मिनट
असमय परे रहीम कहि, माँगिजात तजि लाज।ज्यों लछिमन माँगन गए, पाराशर के नाज॥९॥

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