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और ए व्यौहार बिषै बिंब प्रतिबिंब जे हैं

कवित्त · लगभग २ मिनट
और ए व्यौहार बिषै बिंब प्रतिबिंब जे हैं,ते तो नीकै जानै जात देखियै प्रतछ है।जैसे तो प्रतछ नाँहि चेतन अबिद्या दोऊ,बिंब प्रतिबिंब तौ ए कैसै ठहरत है।सो तौ यह जीवपनौ मन मैं न आवै क्यौं हूँ,बिना मन आऐ कैसैं जात एक संदेह है।बिनती करत नाथ कृपाल है दयासिंधु,अपनौ समुझि मोसौं मया करिकै कहैं॥

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