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सुन्दर शिष जिज्ञास ह्वै, शब्द ग्रहै मन लाइ

दोहा · लगभग २ मिनट
सुन्दर शिष जिज्ञास ह्वै, शब्द ग्रहै मन लाइ।तासौं सद्गुरु तुरत ही, ज्ञान कहै संमुझाइ॥

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