मुख्य पाठ पर जाएँ
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
मेरी सूची
पढ़ना शुरू करें
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
खोजें और पढ़ें
कहानियाँ
कविताएँ
उपन्यास
निबंध
रस से पढ़ें
लेखक
संग्रह
हाशिया
कविता
पै मिठास या मार के, रोम-रोम भरपूर
रसखान
दोहा · लगभग २ मिनट
पै मिठास या मार के, रोम-रोम भरपूर।
मरत जियै झुकतौ थिरै, बनै सु चकनाचूर॥
॥
साझा करें
सहेजें
अ−
अ+
पिछला
इक अगी बिनु कारनहिं, इक रस सदा समान
अगला
मन लीनो प्यारे चितै, पै छटाँक नहिं देत
अब कुछ और पढ़ें
सुन री पिय मोहन की बतियाँ
रसखान
कविता
सुन री पिय मोहन की बतियाँ
रसखान
२ मिनट का पाठ
देख्यो रूप अपार
रसखान
कविता
देख्यो रूप अपार
रसखान
२ मिनट का पाठ
यह देखि धतूरे के पात चवात
रसखान
कविता
यह देखि धतूरे के पात चवात
रसखान
२ मिनट का पाठ