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जमला ऐसी प्रीत कर, जैसी मच्छ कराय

दोहा · लगभग २ मिनट
जमला ऐसी प्रीत कर, जैसी मच्छ कराय।टुक एक जल थी बीछड़े, तड़फ-तड़फ मर जाय॥

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