दर्शन · साक्षात्-दर्शन बिरहिनि और बिदेसिआ, भौ एक ठौर।पिअ मुख तकत तिरिअवा, चन्द चकोर॥९९॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
पलटि चली मुसकाइ, द्युति रहीम उपजाइ अतिरहीमकवितापलटि चली मुसकाइ, द्युति रहीम उपजाइ अतिरहीम२ मिनट का पाठ