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बन-बन उठत दवागि घन, छन-छन छहरि विशाल

दोहा · लगभग २ मिनट
बन-बन उठत दवागि घन, छन-छन छहरि विशाल।हरखि-हरखि तिय तहँ हँसो, कारण कवन जमाल॥

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