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ज्यौं हरि भावै त्यौं करै, कौंन कहै यह नांहिं

दोहा · लगभग २ मिनट
ज्यौं हरि भावै त्यौं करै, कौंन कहै यह नांहिं।अग्नि उपावै पलक मैं, सुन्दर पाला मांहिं॥

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