केस निहारि सुकेसि लजाय भई अहिनी कवरी कवरी-सी।अंग अगै छवि छीन लगै सुर नाग सुता सवरी सवरी-सी॥सो सखियाँ संग ले घर तैं निकसी करि कै जवरी जवरी-सी।देखि भलौ रंग भौन कहो कस होन लगी अवरी अवरी-सी॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+