परकीया-कृष्णाभिसारिका नील मनिन के हरवा, नील सिंगार।किए रइनि अधिअरिआ, धनि अभिसार॥७८॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बिन्दु में सिन्धु समान, को कासों अचरज कहैरहीमकविताबिन्दु में सिन्धु समान, को कासों अचरज कहैरहीम२ मिनट का पाठ