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झूलौ पालने नंद नंदा

पद · लगभग २ मिनट
झूलौ पालने नंद नंदा।खन-खन खन-खन चूरा बाजें, मन में अति आनंदा॥ठुन-ठुन ठुन-ठुन घुँघरू बाजें, तनन तनन सी वंसी।नैन कटाच्छ चलावत गिरधर, मंद-मंद मुख हंसी॥खटखट-खटखट लकुटी बाजै, चटक-चटक बाजै चुटकी।नंद महर घर सोभा निरखत, मोहन मन में अटकी॥कुहुकुहु-कुहुकुहु कोकिल बोलें, भनन-भनन बोलें भौंरा।पी-पी-पी-पी पपैया बोलें, संगीते सुर दौरा॥झूझू-झूझू झुनझुन बाजैं, फिरक-फिरक फिरै फिरकी।गुडगुड-गुडगुड गुडकी बाजै, प्रेम मगन मन निरखी॥ढो-ढो ढो-ढो ढोलक बाजै, गुनन-गुनन गुन गावै।राधा गिरधर की बानिक पर, ‘रसिकदास’ बलि जावै॥

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