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यों रहीम गति बड़ेन की, ज्यों तुरंग व्यवहार

दोहा · लगभग २ मिनट
यों रहीम गति बड़ेन की, ज्यों तुरंग व्यवहार।दाग दिवावत आपु तन, सही होत असवार॥१५१॥

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