हँसि-हँसि हेरति नवल तिय, मद के मद उमदातिबिहारीकविताहँसि-हँसि हेरति नवल तिय, मद के मद उमदातिबिहारी२ मिनट का पाठ
मैं समुइयौ निरधार, यह जग काँचो काँच सौबिहारीकवितामैं समुइयौ निरधार, यह जग काँचो काँच सौबिहारी२ मिनट का पाठ