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केसौ कहि कहि कूकिये, ना सौइयै असरार

साखी · लगभग २ मिनट
केसौ कहि कहि कूकिये, ना सौइयै असरार।रात दिवस कैं कृकणों, (मन) कबहूँ लागै पुकार॥१६॥

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