मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

हदे छाँडि बेहदि गया,हुआ निरंतर बास

साखी · लगभग २ मिनट
हदे छाँडि बेहदि गया, हुआ निरंतर बास।केवल ज फूल्या फूल बिन, को निरपै निज दास॥५॥

अब कुछ और पढ़ें