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रहिमन धोखे भाव ते, मुख तैं निकसत राम

दोहा · लगभग २ मिनट
रहिमन धोखे भाव ते, मुख तैं निकसत राम।पावत पूरन परम गति, कामादिक को धाम॥१७७॥

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