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बिनहिं मेघ गरजत कभूँ, कभूँ बरसत तिहिं ठौर

दोहा · लगभग २ मिनट
बिनहिं मेघ गरजत कभूँ, कभूँ बरसत तिहिं ठौर।कभूँ चमँकति चित चकित करि, कह जमाल कर गौर॥

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