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दीन सबन को लखत है, दीनहिं लखै न कोइ

दोहा · लगभग २ मिनट
दीन सबन को लखत है, दीनहिं लखै न कोइ।जो रहीम दीनहिं लखै, दीनबन्धु सम होइ॥९०॥

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