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जमला प्रीत न कीजिये, काहू सों चित लाय

दोहा · लगभग २ मिनट
जमला प्रीत न कीजिये, काहू सों चित लाय।अलप मिलण बिछुड़न बहुत, तड़फ तड़फ जिय जाय॥

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