अच्छे मीठे फल चाख चाख, बेर लाई भीलणीमीराबाईकविताअच्छे मीठे फल चाख चाख, बेर लाई भीलणी
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१३८ रचनाएँ

अच्छे मीठे फल चाख चाख, बेर लाई भीलणीमीराबाईकविता
अजब सलुनी प्यारी मृगया नैनोंमीराबाईकविता
अपनी गरज हो मिटी सावरे हम देखी तुमरी प्रीतमीराबाईकविता
अब तो निभायाँ सरेगी, बांह गहेकी लाजमीराबाईकविता
अब तो मेरा राम नाम दूसरा न कोईमीराबाईकविता
अब तौ हरी नाम लौ लागीमीराबाईकविता
आई ती ते भिस्ती जनी जगत देखके रोईमीराबाईकविता
आज मेरेओ भाग जागो साधु आये पावनामीराबाईकविता
होरी खेलनकू आई राधा प्यारी हाथ लिये पिचकरीमीराबाईकविता
मेरो मनमोहना, आयो नहीं सखी रीमीराबाईकविता
हरिनाम बिना नर ऐसा हैमीराबाईकविता
हरि तुम हरो जन की भीरमीराबाईकविता
हरि गुन गावत नाचूंगीमीराबाईकविता
तो सांवरे के रंग राचीमीराबाईकविता
शरणागतकी लाजमीराबाईकविता
सांवरा म्हारी प्रीत निभाज्यो जीमीराबाईकविता
नाव किनारे लगाव प्रभुजी नाव किना०मीराबाईकविता
होरी खेलत हैं गिरधारीमीराबाईकविता
सखी, मेरी नींद नसानी होमीराबाईकविता
राम मिलण के काज सखी, मेरे आरति उर में जागी रीमीराबाईकविता
आयी देखत मनमोहनकूमीराबाईकविता
आली रे मेरे नैणा बाण पड़ीमीराबाईकविता
आली, म्हांने लागे वृन्दावन नीकोमीराबाईकविता
आली , सांवरे की दृष्टि मानो, प्रेम की कटारी हैमीराबाईकविता
करुणा सुणो स्याम मेरी, मैं तो होय रही चेरी तेरीमीराबाईकविता
कहां गयोरे पेलो मुरलीवाळोमीराबाईकविता
कागळ कोण लेई जायरे मथुरामां वसे रेवासी मेरा प्राण पियाजीमीराबाईकविता
काना तोरी घोंगरीया पहरी होरी खेले किसन गिरधारीमीराबाईकविता
कान्हा कानरीया पेहरीरेमीराबाईकविता
कान्हा बनसरी बजाय गिरधारीमीराबाईकविता
कान्हो काहेकूं मारो मोकूं कांकरीमीराबाईकविता
कायकूं देह धरी भजन बिन कोयकु देह गर्भवासकी त्रास देखाई धरी वाकी पीठ बुरीमीराबाईकविता
कारे कारे सबसे बुरे ओधव प्यारेमीराबाईकविता
कालोकी रेन बिहारीमीराबाईकविता
किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवालामीराबाईकविता
बादल देख डरी हो, स्याम! मैं बादल देख डरीमीराबाईकविता