रहे चकि लाल चितौ मुख बालध्रुवदासकवितारहे चकि लाल चितौ मुख बाल
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ध्रुवदास · चयनित काव्य से इस डिजिटल संकलन में उपलब्ध रचनाएँ। सूची को मूल पुस्तक की संपूर्ण विषय-सूची न मानें।
७४ रचनाएँ

रहे चकि लाल चितौ मुख बालध्रुवदासकविता
ऐसी करी नवलाल रँगीले जूध्रुवदासकविता
सेज सरोवर राजत है जल मादिकध्रुवदासकविता
हँसनि में फूलनि की चाहनि में अमृत कीध्रुवदासकविता
जैसी अलबेली बाल तैसे अलबेले लालध्रुवदासकविता
रूप बन प्यारी तन मौर्यौ है यौवन तहाँध्रुवदासकविता
डीठि हू को भार जानि देखत न डीठि भरिध्रुवदासकविता
अलबेली सुकुमारी नैननि के आगे रहैध्रुवदासकविता
प्रानहू ते प्यारी सुकुमारी जू को देखतध्रुवदासकविता
प्यारे जू की जीवन है नवल किशोरी गोरीध्रुवदासकविता
नवल नबेली अलबेली सुकुमारी जू कोध्रुवदासकविता
छबि ठाढ़ी कर जोरैंध्रुवदासकविता
नैनन के आगे प्यारी बिलपत है बिहारीध्रुवदासकविता
कुंजतें निकसु दोऊ ठाढ़े जमुना के तीरध्रुवदासकविता
दुलहिन दूलहु कुँवर दोऊ सहज हीध्रुवदासकविता
रूप की सी फुलवारी फूलि रही सुकुमारीध्रुवदासकविता
प्रीतम की प्रेम गति देखै भूली तन गतिध्रुवदासकविता
नई सेज नई रुचि नयो रूप नयो नेहध्रुवदासकविता
फूलनि की कुंज ऐन फूलनि की रची सैनध्रुवदासकविता
आजु की छबीली छबिध्रुवदासकविता
आछी छबि सों छबीले सों छबीले बैठेध्रुवदासकविता
सेज रँगीली रँगीली सखीन रीध्रुवदासकविता
सखीनी की गति हेरैं ठाड़े भये जाइ नेरेध्रुवदासकविता
सहज सुभाउ पर्यौध्रुवदासकविता
हंस सुता तट बिहरिबोध्रुवदासकविता
नवल रँगीले लाल दोउध्रुवदासकविता
प्रेमहि शील सुभाव नितध्रुवदासकविता
मदन केलि को खेलि हैध्रुवदासकविता
बार-बार तो बनत नहिंध्रुवदासकविता
श्री राधाबल्लभ लाल कीध्रुवदासकविता
वृंदा बिपिन निमित्त गहिध्रुवदासकविता
श्री राधाबल्लभ लाड़िलीध्रुवदासकविता
ऐसे हिय में बसत रहौध्रुवदासकविता
बहु-बहु बीती, थोरी रहींध्रुवदासकविता
सीस फूल झलकान छबिध्रुवदासकविता
भक्तन सों अभिमानध्रुवदासकविता